Sunday, August 29, 2010

shambhu shikhar


इतनी महंगाई बढ़ गये है आज चारो तरफ।
अपनी अयाशियों के प्रूफ मिटा कैसे।
जेब में एक अट्ठनी नही मचिश के लिए।
तेरी खुशबु में बसे ख़त मैं जलता कैसे।

Monday, August 16, 2010

shambhu shikhar

shambhu shikhar

shambhu shikhar

shambhu shikhar
शम्भू शिखर अपनी हास्य प्रस्तुती के साथ बुलंदशहर के लोगों का मनोरंजन करते हुये...

Thursday, December 24, 2009

  • हाथों का ये कमाल दिखने नही दिया
मुझको किसी का माल चुराने नही दिया
कम्बकत मेरे दोस्त भी कितने कमीन हैं
राखी के सिवा घर कभी आने नही दिया...

  1. जिससे मैं प्यार करता हूँ अब क्या कहूँ उसे
  2. जूही कहूँ चंपा या चमेली कहूँ उसे
  3. अब्बा को जब ये बाट पता लग गयी तो फिर
  4. एक लात दिया और कहा अम्मी कहो उसे


हमने कहा की प्यार हमे हो गया तुम से
साये की तेरे जुल्फ में ये शाम बिताऊ
उसने उतार कर बिग तेरे हुए कहा
तुम शाम क्या चाहो तो पूरी रात बिताओ

तुम्हारे साथ बैठें टाइम का कुछ use हो जाए ,
तुम्हे चाहें कि देखें दिल बहुत kanfuse जाए
हमारी हर कहानी हर जगह सुर्खी में हो दिलवर
कभी हम तुम मिले ऐसे की brekingnews जाए

उसे देने चला एक रोज़ ग्रीटिंग कार्ड की खुशबू
नही पहचान पाया था मैं बॉडी गार्ड की खुशबू
बहुत तोरा मुझे फोड़ा हुआ मैं AIIMS में भर्ती
अभी तक आ रहे जोड़ों से जर्नल वाड की खुशबू

घिर आये हैं काले बादल
आंधी भी है तेज़ बहुत
गरज गरज छीटें परते हैं
और हवा में रेत बहुत
या खुदा टेस्ट मैच रद ना हो जाए


अंकल जी आप साईकल जरा देख कर चलाओ -2
ये कहते कहते लड़का गढ़े में गिर गया ....

होठ काले
बाल काले
नयन काले
गाल काले
अदा काली
हया काली
जफा काली
वफा काली
ये लड़की लगता है
की westINDES आये है

तू पैसा जोड़ ले इतना
की हर एक मौत से पहले
यमदूत बन्दे से खुँद पूछे
बता पोलिसी किसके नाम पे है


कौन कहता हैं की आसमान में छेद नही हो सकता -3
जो भी कहता है ठीक कहता है

दिल से चाहो
तो लड़की पट ही जाती है
मैं ने फेफेरे से चाहा
उसकी माँ ही पट गयी //

गुस्से में मेरी पतनी लाल हरी पीली हो जाती हैं
तब दिल को लगता है
मैं रेड लाइट पर खड़ा हूँ


दुनिया में लड़कियों की अब कहाँ कमी ग़ालिब
एक एक लड़के पे दो दो माशुकायें हैं

जब कभी हिचकियाँ आये तो ऐसा लगता है
मैंने शुबह से अब तलक पानी नही पिया



अँधेरा जब कभी मुझ को सताने लगता हैं
तभी मैं ट्यूब लाइट ओं कर देता हूँ


अदा कातिल
हया कातिल
जुबा कातिल
नज़र कातिल
यह लड़की है या तिल का पहाड़

निशाना हर दफा उस का निशाने पर ही लगता है
repeat टेलीकास्ट में ऐसा ही होता है

हैं इतना खौफ तेरी सूरत का ज़माने में
मैं तुम से मिलने हनुमान चालीसा लेकर आता हूँ


तुम्हारे इंतेज़ार में हमने
चिराग दिल का जलाया
तुम खुश हो गये और हमारी
बिजली भी बच गयी

बेटे ने बाप से यह चीख कर कहा
पापा जी आप को मम्मी बुला रही है


दुनिया में वो सबसे बड़ा गाँधीवादी है
असली नही मिलते तो नकली नोट छापता है